अल्मोड़ा:
नगर में पान मसाला और सिगरेट के लगातार बढ़ते दामों को लेकर अब व्यापारियों और आम जनता का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। इसी क्रम में चौघानपाटा क्षेत्र में व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने एकजुट होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान थोक व्यापारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और पुतला दहन कर अपना रोष व्यक्त किया गया।
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि बीते काफी समय से पान मसाला और सिगरेट के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे खुदरा व्यापारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उनका आरोप है कि थोक व्यापारी मनमाने ढंग से कीमतें बढ़ा रहे हैं और प्रिंट रेट से अधिक मूल्य पर सामान बेच रहे हैं, जिससे बाजार में असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
व्यापारियों का कहना है कि थोक स्तर पर ही अधिक कीमत वसूली जा रही है, जिसके कारण खुदरा दुकानदारों के पास दो ही विकल्प बचते हैं—या तो वे बढ़े हुए दाम पर सामान बेचकर ग्राहकों की नाराजगी झेलें या फिर कम दाम पर बेचकर स्वयं घाटा उठाएं। दोनों ही स्थितियों में नुकसान छोटे व्यापारियों को ही उठाना पड़ रहा है।
इस मौके पर व्यापारी नेता राजीव गुरुरानी ने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार जिला प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा, “थोक व्यापारियों की मनमानी से छोटे दुकानदारों का व्यापार चौपट हो रहा है। यदि जल्द ही इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो कई छोटे व्यापारी अपना व्यवसाय बंद करने को मजबूर हो जाएंगे।”
प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में बिना बिल के सामान बेचा जा रहा है या फिर जीएसटी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे सरकारी राजस्व को भी नुकसान हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
विरोध प्रदर्शन में शामिल स्थानीय नागरिकों ने भी व्यापारियों का समर्थन किया। उनका कहना था कि बढ़ती कीमतों का असर सीधे आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए पान मसाला और सिगरेट जैसे उत्पादों के बढ़ते दाम अतिरिक्त बोझ बनते जा रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि बाजार में मूल्य नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए और यह देखा जाए कि किसी भी उत्पाद को उसके निर्धारित प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर न बेचा जाए। साथ ही, नियमित रूप से बाजार की निगरानी की जाए और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन के दौरान चौघानपाटा क्षेत्र में काफी भीड़ जमा हो गई। नारेबाजी और पुतला दहन के चलते कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई। पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखा।
व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन और बाजार बंद जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
प्रदर्शन के बाद बाजार क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो इसका असर पूरे व्यापारिक तंत्र पर पड़ेगा और बाजार की स्थिरता प्रभावित होगी।
वहीं, प्रशासन की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि मामले को संज्ञान में लिया गया है और जल्द ही जांच के आदेश दिए जा सकते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब सभी की नजरें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। व्यापारियों और आम जनता को उम्मीद है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाएगा, जिससे बाजार में संतुलन बहाल हो सके और छोटे व्यापारियों को राहत मिल सके।
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