
अल्मोड़ा।
सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में मा नंदा–सुनंदा संस्था द्वारा होली मिलन कार्यक्रम तथा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में भव्य महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित कर उनके योगदान को सराहा गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएं, सामाजिक कार्यकर्ता और संस्था के सदस्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम का आयोजन उत्साह, रंग और उमंग के माहौल में किया गया, जहां एक ओर होली के रंगों की खुशबू थी तो दूसरी ओर महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक तरीके से दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद सभी अतिथियों और मातृशक्ति का स्वागत किया गया।
इस अवसर पर सामाजिक, शैक्षणिक, चिकित्सा, न्यायिक और पत्रकारिता जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिला कल्याण संस्था की अध्यक्ष रीता दुर्गापाल को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। लंबे समय से समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय रहते हुए उन्होंने महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इसके साथ ही चिकित्सा क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहीं डॉ. उषा उप्रेति को भी सम्मानित किया गया। उन्होंने वर्षों से समाज के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसी क्रम में शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत डॉ. आराधना शुक्ला (प्रोफेसर) को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।
कार्यक्रम में न्यायिक क्षेत्र से जुड़ी अधिवक्ता सुनीता पांडे को भी सम्मानित किया गया। सुनीता पांडे लंबे समय से गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को नि:शुल्क कानूनी सहायता प्रदान कर रही हैं। उनके इस सराहनीय कार्य से कई महिलाओं को न्याय और अधिकार प्राप्त करने में मदद मिली है।
इसके अलावा पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहीं कंचना तिवारी को भी सम्मानित किया गया। पत्रकारिता के माध्यम से समाज की समस्याओं और मुद्दों को प्रमुखता से उठाने तथा जनहित के विषयों को सामने लाने के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी महिलाओं और अतिथियों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं और आपसी भाईचारे तथा सामाजिक एकता का संदेश दिया। इस अवसर पर महिलाओं ने अपने विचार भी साझा किए और समाज में महिलाओं की भूमिका पर चर्चा की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था की अध्यक्ष किरन पंत ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दे रही हैं। उन्होंने कहा कि समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनके योगदान को सम्मानित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
किरन पंत ने कहा,
“हमारी संस्था का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता को बढ़ावा देना है। आज महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय, पत्रकारिता और सामाजिक सेवा जैसे हर क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं। हमें ऐसी महिलाओं को सम्मानित कर उनके कार्यों को समाज के सामने लाना चाहिए, ताकि अन्य महिलाएं भी उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ सकें।”
उन्होंने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता का प्रतीक है। समाज तभी प्रगति कर सकता है जब महिलाओं को समान अवसर और सम्मान मिले।
किरन पंत ने कहा कि मा नंदा–सुनंदा संस्था भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करती रहेगी, जिनके माध्यम से महिलाओं को प्रोत्साहित करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने सभी सम्मानित महिलाओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।
कार्यक्रम के दौरान होली मिलन के अवसर पर सांस्कृतिक माहौल भी देखने को मिला। उपस्थित महिलाओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और पारंपरिक गीतों के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया। पूरे कार्यक्रम में उत्साह, सौहार्द और खुशी का वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम में संस्था की अध्यक्ष किरन पंत के साथ अलका नज्जौन, रीता पंत, पूनम वोहरा सहित संस्था के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया।
अंत में संस्था की ओर से सभी अतिथियों, सम्मानित महिलाओं और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का समापन होली की शुभकामनाओं और महिलाओं के सम्मान के संकल्प के साथ किया गया।



