
अल्मोड़ा।
शहर से सटे सिंचाई विभाग की कैनाल कॉलोनी परिसर में बाघ की मौजूदगी से एक बार फिर दहशत का माहौल बन गया है। कॉलोनी क्षेत्र में एक लावारिश बछड़े को बाघ द्वारा निवाला बनाए जाने की घटना सामने आई, जिससे स्थानीय कर्मचारियों व आसपास रहने वाले लोगों में भय व्याप्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग व वन विभाग के अधिकारी सतर्क हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात के समय बाघ कॉलोनी परिसर में घुस आया और खुले में घूम रहे लावारिश बछड़े पर हमला कर दिया। सुबह कॉलोनी में बछड़े के अवशेष पड़े मिलने पर कर्मचारियों को घटना की जानकारी हुई। इसके बाद तत्काल इसकी सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी गई।
खबर मिलते ही कैनाल कॉलोनी के इंचार्ज अपर सहायक अभियंता जीवेश वर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल मृत बछड़े के अवशेषों को हटाने के निर्देश दिए। उनके निर्देशन में कॉलोनी परिसर में ही एक गड्ढा खुदवाया गया, जिसमें बछड़े के अवशेषों को विधिवत रूप से दफना दिया गया, ताकि किसी प्रकार की दुर्गंध या अन्य वन्यजीवों के आकर्षित होने की संभावना न रहे।
घटना की जानकारी वन विभाग को भी दे दी गई है। वन विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार यह इलाका वन क्षेत्र से सटा होने के कारण अक्सर जंगली जानवरों की आवाजाही बनी रहती है, लेकिन आबादी वाले क्षेत्र में इस तरह की घटना चिंता का विषय है।
कॉलोनी में रहने वाले कर्मचारियों व उनके परिजनों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और पिंजरा लगाए जाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
इधर, प्रशासन की ओर से भी लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है। शाम और रात के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने, खुले में पशुओं को न छोड़ने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग या पुलिस को देने को कहा गया है। कैनाल कॉलोनी में बाघ की इस घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को उजागर कर दिया है।


