
अल्मोड़ा।
गांधी पार्क वार्ड के पार्षद दीप चन्द्र जोशी (एड.) ने वन विभाग की कथित उदासीनता और भ्रामक जानकारी देने के आरोप में विभाग के विरुद्ध स्थायी लोक अदालत, जिला न्यायालय परिसर अल्मोड़ा में शांति वाद प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है। यह प्रार्थना पत्र दिनांक 3 जनवरी 2026 को दाखिल किया गया।
पार्षद दीप चन्द्र जोशी का कहना है कि उनके वार्ड क्षेत्र में वन्यजीवों की सक्रियता से आम जनता में भय का माहौल बना हुआ है। इस संबंध में उन्होंने 15 दिसंबर 2025 से लगातार वन विभाग को कई बार अवगत कराया, लेकिन विभाग ने स्थिति को गंभीरता से लेने के बजाय तथ्यों को छिपाया और जनता को गुमराह किया।
पार्षद का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों द्वारा यह कहा जाता रहा कि क्षेत्र में पिंजरा नहीं लगाया गया है, जबकि जमीनी हकीकत इससे भिन्न थी। विभाग की ओर से बार-बार झूठी जानकारी देकर न केवल पार्षद को, बल्कि क्षेत्र की जनता को भी भ्रमित किया गया। इससे नागरिकों की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा और किसी भी संभावित दुर्घटना की आशंका बनी रही।
दीप चन्द्र जोशी ने अपने प्रार्थना पत्र में कहा है कि विभाग की इस लापरवाही से जनहित को नुकसान पहुंचा है। यदि समय रहते सही जानकारी दी जाती और आवश्यक कदम उठाए जाते, तो लोगों में व्याप्त भय और असुरक्षा की भावना को कम किया जा सकता था।
पार्षद ने लोक अदालत से मांग की है कि वन विभाग को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जवाबदेह बनाया जाए तथा भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही और भ्रामक बयानबाजी पर रोक लगे। उन्होंने यह भी अपेक्षा जताई कि अदालत के हस्तक्षेप से विभाग सतर्क होगा और जन सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित व पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस मामले के सामने आने के बाद नगर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग वन विभाग की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।





