
अल्मोड़ा।
कुमाऊँ की लोक संस्कृति और लोक संगीत के समर्पित साधक दीवान कनवाल के निधन पर छत्र छाया परिवार ने गहरा शोक व्यक्त किया है। छत्र छाया परिवार के कोर मेंबर रहे दीवान कनवाल को परिवार के सभी सदस्य स्नेहपूर्वक “मामू” कहकर संबोधित करते थे। उनके निधन से पूरे परिवार में शोक की लहर है।
इस अवसर पर छत्र छाया परिवार की ओर से एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें सभी सदस्यों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित सदस्यों ने कहा कि दीवान कनवाल का व्यक्तित्व अत्यंत सरल, मिलनसार और प्रेरणादायक था। वे सदैव लोक संस्कृति, सामाजिक सरोकारों और पारिवारिक मूल्यों के संरक्षण के लिए समर्पित रहे।
छत्र छाया परिवार की अध्यक्ष बसन्ती देवी सहित सभी सदस्यों ने अपने आजीवन सदस्य को खोने पर गहरा दुख व्यक्त किया। श्रद्धांजलि सभा में विक्रम बिष्ट, आदित्य जोशी, धीरज बिष्ट, पीयूष गुडवन्त, दिव्या जोशी, मनमोहन चौधरी, दिनेश मठपाल, प्रमोद लोहनी, कनक पंत तथा संरक्षक श्वेता उपाध्याय सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
सभी सदस्यों ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। छत्र छाया परिवार ने कहा कि दीवान कनवाल की स्मृतियाँ और उनका स्नेह सदैव सभी के हृदय में जीवित रहेंगे।


