अल्मोड़ा जिला चिकित्सालय नगर से बाहर ले जाने का प्रस्ताव मंजूर नहीं, व्यापारियों और जनता के साथ सड़कों पर उतरने की चेतावनी
अल्मोड़ा। जिला चिकित्सालय को नगर क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित करने की चर्चाओं के बीच अल्मोड़ा का व्यापारी संगठन खुलकर विरोध में उतर आया है। जिला व्यापार मंडल अध्यक्ष सुशील साह एवं जिला महामंत्री भैरव गोस्वामी ने सरकार को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जिला अस्पताल को नगर से बाहर शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया तो व्यापार मंडल नगर के व्यापारियों और आम जनता को साथ लेकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने कहा कि जनता की सुविधा छीनकर विकास का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता। जिला अस्पताल नगर के बीच स्थित होने के कारण अल्मोड़ा ही नहीं, बल्कि दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले हजारों लोगों के लिए जीवनदायिनी स्वास्थ्य सुविधा का केंद्र है।
“अस्पताल दूर हुआ तो सबसे ज्यादा परेशान होगा गरीब ग्रामीण”
जिला व्यापार मंडल ने कहा कि अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार उपचार के लिए पहुंचते हैं। नगर से बाहर अस्पताल ले जाने पर मरीजों और उनके तीमारदारों को अतिरिक्त दूरी, किराया और समय की मार झेलनी पड़ेगी। गंभीर मरीजों के मामले में यह देरी और भी चिंताजनक साबित हो सकती है।
पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार को अस्पताल को स्थानांतरित करने के बजाय मौजूदा जिला चिकित्सालय को आधुनिक सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से मजबूत करना चाहिए।
नगर व्यापार मंडल भी विरोध में
नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष अजय वर्मा एवं सचिव वकुल साह ने भी जिला अस्पताल को नगर से बाहर ले जाने के किसी भी प्रस्ताव को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़ी सुविधा मिलती है और इनमें बड़ी संख्या आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल के स्थानांतरण का असर केवल मरीजों पर ही नहीं पड़ेगा, बल्कि अल्मोड़ा के बाजार और स्थानीय व्यापार पर भी सीधा प्रभाव पड़ेगा। अस्पताल के आसपास दवा, भोजन, परिवहन और अन्य छोटे-बड़े कारोबार से जुड़े अनेक लोगों की आजीविका प्रभावित होगी।
“पहले कलेक्ट्रेट दूर किया, अब अस्पताल की बारी?”
व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने पूर्व में पुराने कलेक्ट्रेट को पांडेखोला स्थानांतरित किए जाने का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे निर्णयों से आम जनता को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जनता को पहले ही दूरस्थ सरकारी संस्थानों के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, तो अब जिला अस्पताल को भी नगर से दूर करने की सोच क्यों की जा रही है?
व्यापार मंडल की कड़ी चेतावनी
जिला व्यापार मंडल अध्यक्ष सुशील साह और महामंत्री भैरव गोस्वामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिला चिकित्सालय को नगर से बाहर ले जाने का निर्णय व्यापारियों और जनता के साथ अन्याय होगा। यदि सरकार ने प्रस्ताव को आगे बढ़ाने का प्रयास किया तो व्यापार मंडल चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा और जरूरत पड़ने पर नगर की जनता को भी आंदोलन से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा—
> “जिला चिकित्सालय अल्मोड़ा नगर में ही रहेगा। जनता की सुविधा से कोई समझौता नहीं होगा।”
व्यापार मंडल ने सरकार से मांग की कि जिला अस्पताल को स्थानांतरित करने की सोच को तत्काल त्यागा जाए और अस्पताल को हटाने के बजाय उसकी व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाए।
व्यापार मंडल की दो टूक
“अस्पताल शिफ्ट करने का विचार सरकार अपने मन में भी न लाए। जनता की सुविधा और गरीब मरीजों के हित के खिलाफ लिया गया कोई भी फैसला स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
जिला अस्पताल शिफ्ट करने पर व्यापार मंडल की दो टूक—“ऐसा विचार दिल में भी न लाए सरकार”
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