
13 से 15 फरवरी तक मानसखण्ड विज्ञान केंद्र बनेगा राष्ट्रीय विज्ञान विमर्श का केंद्र
अल्मोड़ा।
अल्मोड़ा स्थित मानसखण्ड विज्ञान केंद्र आगामी 13 से 15 फरवरी 2026 तक 21वें राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय प्रमुखों के सम्मेलन की मेजबानी करेगा। उत्तराखंड राज्य में पहली बार आयोजित हो रहा यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन विज्ञान, नवाचार और विज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
राष्ट्रीय महत्व के इस सम्मेलन का आयोजन राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (एनसीएसएम), कोलकाता के तत्वावधान में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यू-कॉस्ट) द्वारा किया जा रहा है। सम्मेलन का उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया जाना प्रस्तावित है।
सम्मेलन में देशभर के लगभग 50 विज्ञान संग्रहालयों एवं विज्ञान केंद्रों के निदेशक/प्रमुख, विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ प्रतिनिधि, वरिष्ठ वैज्ञानिक, नीति-निर्धारक तथा अन्य गणमान्य अतिथि प्रतिभाग करेंगे।
प्री-प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए मानसखण्ड विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक प्रभारी डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि इस वर्ष सम्मेलन की केंद्रीय थीम “विज्ञान केंद्रों का भविष्य” निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन विज्ञान संग्रहालयों को पारंपरिक प्रदर्शनी स्थलों से आगे बढ़ाकर उन्हें ज्ञान, नवाचार, अनुसंधान और युवा नेतृत्व के सशक्त राष्ट्रीय केंद्रों के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक पहल सिद्ध होगा।
सम्मेलन के दौरान विज्ञान संग्रहालयों की बदलती भूमिका, डिजिटल एवं इंटरैक्टिव तकनीकों का उपयोग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित अत्याधुनिक प्रदर्शन, विज्ञान संचार के नवाचारपूर्ण मॉडल तथा बच्चों और युवाओं को विज्ञान से जोड़ने के व्यावहारिक एवं भविष्य-उन्मुख उपायों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।
डॉ. जोशी ने बताया कि यू-कॉस्ट के महानिदेशक प्रो० दुर्गेश पंत के नेतृत्व में विज्ञान और नवाचार को शिक्षा, शोध, नीति और समाज से जोड़ने का एक समावेशी मॉडल विकसित किया जा रहा है, जिससे युवा केवल विज्ञान के उपभोक्ता न रहकर वैश्विक नवाचार के नेतृत्वकर्ता बन सकें।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रत्येक जिले में विज्ञान केंद्रों की स्थापना की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि विज्ञान को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जा सके। यह सम्मेलन राज्य में बन रहे नए विज्ञान केंद्रों को दिशा और दृष्टि प्रदान करेगा।
उद्घाटन सत्र में विज्ञान संग्रहालयों के भविष्य, राष्ट्रीय विज्ञान नीति, नवाचार आधारित शिक्षा और संस्थागत सहयोग जैसे विषयों पर राष्ट्रीय स्तर के विचार प्रस्तुत किए जाएंगे।
सम्मेलन में एनसीएसएम, कोलकाता के महानिदेशक अरिजीत दत्ता चौधरी, यू-कॉस्ट के महानिदेशक प्रो० दुर्गेश पंत सहित विभिन्न राज्यों से आए विज्ञान केंद्रों एवं संग्रहालयों के प्रमुख, वरिष्ठ वैज्ञानिक और विशेषज्ञ भाग लेंगे।
उल्लेखनीय है कि यह सम्मेलन प्रारंभ में देहरादून में प्रस्तावित था, किंतु पर्वतीय क्षेत्रों में विज्ञान को सशक्त करने की दूरदर्शी सोच के चलते इसे अल्मोड़ा स्थानांतरित किया गया।
यह आयोजन यह सिद्ध करता है कि पर्वतीय क्षेत्रों में भी राष्ट्रीय स्तर के उच्च स्तरीय वैज्ञानिक कार्यक्रम पूरी क्षमता और गुणवत्ता के साथ आयोजित किए जा सकते हैं। सम्मेलन से प्राप्त निष्कर्ष राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान केंद्रों की भावी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
यह सम्मेलन उत्तराखंड को राष्ट्रीय विज्ञान मानचित्र पर और अधिक सशक्त रूप से स्थापित करने वाला एक मील का पत्थर साबित होगा।


